गुरुदेव श्री शान्तिसूरीश्वरजी का जन्म संवत् 1946 की माह सुदी पंचमी, दि. 25-01-1890 वसंत पंचमी के दिन राजस्थान के सिरोही जिले के मणादर गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम श्री भीमतोलाजी एवं माता का नाम वसुदेवी था। उनका सांसारिक नाम सगतोजी रखा गया।
गुरुदेव श्री शान्तिसूरीश्वरजी का जन्म संवत् 1946 की माह सुदी पंचमी, दि. 25-01-1890 वसंत पंचमी के दिन राजस्थान के सिरोही जिले के मणादर गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम श्री भीमतोलाजी एवं माता का नाम वसुदेवी था। उनका सांसारिक नाम सगतोजी रखा गया।
श्री शान्तिसूरीश्वरजी का जीवन चरित्र
1890
धन्य मरुधर देशने, सिरोही राज्य गवाय।
गाम मणादर जन्मीया, योगेश्वर गुरुराय।।
आहिर कुल दीपाव्यु, प्रगट्यो पूनमचंद।
वसंत पांचम शुभ दिने अजब थयो आनन्द।।
संवत् ओगणीसे अने, छियालिसनी साल।
प्रभातमां ज्योति थई, वंदन हो प्रतिपाल।।
गुरुदेव श्री शान्तिसूरीश्वरजी का जन्म संवत् 1946 की माह सुदी पंचमी, दि. 25-01-1890 वसंत पंचमी के दिन राजस्थान के सिरोही जिले के मणादर गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम श्री भीमतोलाजी एवं माता का नाम वसुदेवी था। उनका सांसारिक नाम सगतोजी रखा गया।
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श्री शान्तिसूरीश्वरजी को संबोधित कुछ पत्र
महात्मा गांधी और गुरुदेव
दिसम्बर 1930 में गुरुदेव ने यह घोषणा की थी कि भारत को सन् 1945 में स्वराज मिल जायेगा। यह खबर बड़ौदा के एक गुजराती दैनिक में छपी थी। ....
गुरुमन्दिर निर्माता सेठ
किशनचन्द लेखराज 'खियानी'
सेठ साहब किशनचन्द जी का जन्म सिंध हैदराबाद निवासी सेठ लेखराजजी के यहाँ सन् 1900 में हुया। विश्व प्रसिद्ध संस्थान मै० पोहुमल ब्रादर्स, जिसकी समूचे विश्व में करीब डेढ़ सौ से ज्यादा शाखाएं…
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शान्ति ज्योति
पचास साल पहले, शांत ज्योति पत्रिका की शुरुआत बहुत छोटे पैमाने पर हुई थी। इसके संस्थापक श्री चंपावलजी जैन का साहस जितना प्रबल था, उनकी भावनाएँ भी उतनी ही पवित्र और निर्मल थीं। उनकी पुण्य भावना की प्रेरणा पूज्य गुरुदेव श्री नरजा शांत सूरीश्वरजी महाराज का जीवन था।
वर्ष 3
तृतीय पुष्प
सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना के विस्तार हेतु विविध कार्यक्रमों का आयोजन।
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- 1984
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EDITION 1
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रजत जयंती
25 December, 2026